सामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ, परिभाषा एवं महत्त्व -in Hindi

सामाजिक सर्वेक्षण क्या है | सामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ

       सर्वेक्षण अंग्रेजी भाषा के सर्वे (Survey) शब्द का हिंदी रूपांतर है। इसे दो भागों में अलग किया जा सकता है-'Sur' और 'Sor' मतलब 'ऊपर' और 'Very' और 'Veeir' मतलब 'देखना' होता है। सामान्य शब्दों में सर्वे का अर्थ है ऊपर से देखना था|अर्थात किसी घटना अथवा परिस्थिति का ऊपरी निरीक्षण करना ही सर्वेक्षण कहलाता है।

      सामान्य शब्दों में सर्वेक्षण का शब्दार्थ 'किसी दशा या स्थिति अथवा मूल्य के संबंध में जांच करना' है।


सामाजिक सर्वेक्षण की परिभाषाएं

बोगार्ड्स के अनुसार -"एक सर्वेक्षण में किसी विषय क्षेत्र के लोगों के रहन-सहन तथा कार्य करने की दशाओं से संबंधित तथ्य एकत्रित किए जाते हैं।"

अब्रामस के अनुसार- "एक सामाजिक सर्वेक्षण एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक समुदाय की संरचना एवं प्रक्रिया के सामाजिक क्रियाओं के बारे में संख्यात्मक तथ्य एकत्र किए जाते हैं।"


सामाजिक सर्वेक्षण की विशेषता लिखिए | सामाजिक सर्वेक्षण की विशेषता

  1.  सामाजिक सर्वेक्षण की पद्धति परीणामात्मक होती है। यदि सर्वेक्षण में विभिन्न प्रकृति के परिणामात्मक एवं गुणात्मक तथ्य एकत्रित किए जाते हैं लेकिन इनमें अधिकांश रूप से परिणाम अथवा संख्याओं से संबंधित तथ्य और आंकड़े ही बड़ी मात्रा में एकत्रित किए जाते हैं।
  2. सर्वेक्षण में परिणाम ज्ञात करने के लिए आंकड़ों के सांख्यिकीय विश्लेषण(Statistical Analysis) की आवश्यकता होती है।
  3. सर्वेक्षण का उपयोग समानता या समूह समुदाय की दशा एवं समस्याओं के अध्ययन के लिए किया जाता है। इसमें समूहों की सामान्य जीवन से संबंधित क्रियाओं एवं सामूहिक व्यवहार को विशेष महत्व दिया जाता है।
  4. सर्वेक्षण में समूह, संगठनों, समितियों आदि को भी इकाई मानकर उनका अध्ययन किया जाता है।
  5. सर्वेक्षण में उत्तर दाताओं का चयन पूर्व परिभाषित समग्र में ही निर्णय दर्शन विधि के द्वारा किया जाता है।
  6. आवश्यक आंकड़ों के एकत्रिकरण के लिए सर्वेक्षण में वैषयिकता पर ध्यान दिया जाता है एक निष्पक्ष एवं तटस्थ निरीक्षक की दृष्टि से घटनाओं को देखने एवं समझने और तथ्यों को संकलित करने का प्रयास किया जाता है।
  7. सर्वेक्षण में निदर्शन द्वारा चयनित उत्तरदाताओं से संपर्क स्थापित कर आंकड़े प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।
  8. सर्वेक्षण के दौरान अनुसंधान पद्धतियों के अतिरिक्त कुछ प्रमाणिकृत उपकरणों का भी उपयोग किया जाता है।
  9. सर्वेक्षण में एक लंबी प्रक्रिया के अंतर्गत उसे विभिन्न चरणों में विभाजित करके उन तथ्यों का विश्लेषण किया जाता है उन्हीं के आधार पर समाजीकरण निकाले जाते हैं जो उपकल्पना ओं के निर्माण में सहायक होते हैं।
  10. सर्वेक्षण में विवरणात्मक सहसंबंधात्मक एवं स्पष्टीकरणात्मक प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास किया जाता है ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान में उनका उपयोग किया जा सके।


सामाजिक सर्वेक्षण के उद्देश्य

1. सामाजिक तथ्यों का संकलन- वे समस्त बातें जो समाज के विभिन्न पक्षों के संबंध में अनेक प्रकार की जानकारी प्रदान करती हैं सामाजिक तथ्य कही जाती हैं। अधिकांश सर्वेक्षणों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक एवं सूचनाएं एकत्रित करना होता है।

2. सामाजिक घटनाओं का वर्णन- सर्वेक्षण किसी विशेष उद्देश्य को ना लेकर केवल सामाजिक घटनाओं का वर्णन मात्र के लिए किया जाता है सामान्यतया सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के सर्वेक्षणों का उद्देश्य किसी पक्ष से संबंधित आंकड़ों को एकत्रित करना मात्र ही होता है।

3. कारण परिणाम संबंधों की खोज करना- सामान्यतया प्रत्येक घटना के घटित होने का कोई ना कोई कारण अवश्य होता है। विभिन्न प्रकार की सामाजिक घटनाएं भी किसी ना किसी कारण की वजह से अवश्य घटित होती है। इस प्रकार की घटनाएं क्यों हुई? किन परिस्थितियों में घटित हुई? इनकी जांच करना इत्यादि सामाजिक सर्वेक्षण का उद्देश्य है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि सर्वेक्षण को आयोजित करने के अनेक उद्देश्य हो सकते हैं।


सामाजिक सर्वेक्षण का महत्व

सामाजिक अनुसंधान के कार्य में एकाधिक विधियों का प्रयोग किया जाता है। उनमें से शिक्षण पद्धति एक है। दूसरी पद्धतियों की तुलना में सर्वेक्षण का अपना महत्व है इन्हें हम इस तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं- 

1. सर्वेक्षण पद्धति में अनुसंधानकर्ता अपने अध्ययन विषय के सीधे संपर्क में आता है ऐसा इसलिए होता है कि इस विधि के अंतर्गत संरक्षण करता को अपने विषय से संबंधित परिस्थितियों तथा व्यक्तियों से सीधे तौर पर तथ्यों को एकत्रित करना पड़ता है और उद्देश्य की पूर्ति के लिए अनुसंधानकर्ता को उनके साथ निकट घनिष्ठ संबंध स्थापित करना पड़ता है। सर्वेक्षण की सफलता इस बात पर निर्भर है कि अनुसंधानकर्ता अपने अध्ययन विषय से संबंधित परिस्थितियों तथा व्यक्तियों से सीधा संपर्क स्थापित करने में कितना सफल हो सकता है।

2. सर्वेक्षण पद्धति में किसी विषय के प्रति विशिष्ट झुकाव की संभावना कम हो जाती है। इसका कारण यह है कि इस पद्धति के अंतर्गत अनुसंधानकर्ता अपने विषय से संबंधित आंकड़ों तथा तथ्यों को अनेक यथार्थ रूप में एकत्रित करने का प्रयत्न करता है।

3. सामाजिक सर्वेक्षण इस प्रकार की सामाजिक घटनाओं के विषय में भी अध्ययन कार्य को संभव बनाता है जिन के विषय में घर बैठे अध्ययन नहीं किया जाता उदाहरण के लिए देश विभाजन के पश्चात विभिन्न प्रदेशों में बसे शरणार्थियों के जीवन में किस प्रकार की परिवर्तन हुए हैं या उनके एक देश विशेष में बस जाने के कारण यहां के मूल निवासियों के जीवन प्रतिमान में कौन-कौन से बदलाव हुए हैं इसका अध्ययन घर बैठे सैद्धांतिक तौर पर नहीं किया जा सकता जब तक कि सामाजिक सर्वेक्षण विधि की सहायता ना ली जाए।

4. सर्वेक्षण पद्धति वैज्ञानिक स्थिति को प्राप्त करने में अधिक सफल हुई है। प्रकृति विज्ञानों में प्रयुक्त पद्धतियों के अनुरूप सर्वेक्षण पद्धति में भी अब ऐसी प्रणालियों का विकास किया जा रहा है जिनके अनुसार एक सामाजिक घटनाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। वह भी सामाजिक सर्वेक्षण अपने अध्ययन विषय या घटना को जैसी हुआ है उसी रूप में देखने का प्रयत्न करना है जिससे घटना का वास्तविक रूप ज्यों का त्यों बना रहता है और घटना के संबंध में यथार्थ निष्कर्ष निकालना संभव होता है।

5. सर्वेक्षण पद्धति प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्ति का एक अत्यंत निर्भर योग्य साधन है। ‌ कारण यह है कि इसमें सर्वेक्षण करता का अपने विषय से सीधा संपर्क स्थापित हो जाता है। यदि हम औद्योगिक नगरों की श्रमिक बस्तियों में बसे श्रमिकों की दशाओं के बारे में अथवा गांव में भूमिहीन किसी समिति में व्याप्त निर्धनता के विषय में अथवा शिक्षण संस्थाओं में हरिजन बच्चों की वास्तविकता के संबंध में प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं तो सामाजिक सर्वेक्षण पद्धति ही सर्वोत्तम पद्धति है।


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Comments

  1. Asy soch rakne wale to des ko hi badal dalenge you are gret person

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  2. Survey kis shatabdi se prarambh hui thi

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