पठार पर्वतों से कम ऊंचे और मैदानों से अधिक ऊंचे होते हैं, वे पठार कहलाते हैं।
धरातल पर ऊंचे उठे हुए वह भू-भाग जो ऊपर से समतल लेकिन अपने आसपास के भू-भाग से ढाल के द्वारा अलग होते हैं पठार कहलाते हैं।
पठारों का महत्व
1. पठार खनिज पदार्थों के भंडार होते हैं, जैसे- दक्कन के पठार में लोहा, मैग्नीज, अभ्रक, कोयला और सोना आदि पाया जाता है।
2. पठारों पर जंगल तथा उत्तम चारागाह होते हैं, जहां पशुपालन आसानी से किया जाता है।
3. कुछ पठार अपनी स्वस्थवर्धक जलवायु तथा रमणीयता के कारण घनेआबाद होते हैं।
4. लावा निर्मित पठारों की मिट्टी अधिक उपजाऊ होती है, जिसके कारण वहां कपास की खेती अधिक की जाती है।
5. पर्वतीय पठारों में नदियां जलप्रपात बनाती है, जिससे जल विद्युत तैयार किया जाता है।
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