जीविकोपार्जन कृषि किसे कहते हैं?
किसी देश में कृषि मात्र जीवन निर्वाह अर्थात भरण पोषण के लिए की जाती है तो उसे जीवन निर्वाह कृषि या जीविकोपार्जन कृषि कहते हैं।
जीविकोपार्जन कृषि की विशेषताएं
1. इसमें खेतों का आकार छोटा होता है।
2. इस कृषि में पशु और मानव के श्रम को अधिक महत्व दिया जाता है।
3. साधारण औजारों का प्रयोग किया जाता है।
4. मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद का उपयोग किया जाता है।
5. फसलों को बदलकर बोया जाता है।
6. वर्ष में तीन-चार फसलें ली जाती है।
7. इस कृषि में मोटे अनाज उत्पन्न की जाती है।
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